Jantantra Yatra at Bhopal |
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देश नव युवकों को पुकार रहा है : अन्ना 24 जुलाई,2013 बरेली, जाने माने समाजसेवी अन्ना हज़ारे जनतंत्र यात्रा के पांचवें चरण में उत्तर प्रदेश पहुंचे हैं. इससे पहले यात्रा के पहले चरण के दौरान जनतंत्र यात्रा पश्चिमी उत्तर के कुछ जिलों में पूरी हो चुकी है. इस बार उत्तर प्रदेश में जनतंत्र यात्रा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 23 जुलाई को मुरादाबाद से प्रारंभ होकर 01 अगस्त को ग़ाजीपुर में समाप्त होगी. 23 जुलाई को मुरादाबाद में जनतंत्र यात्रा के पांचवें चरण का आगाज़ एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए किया. इसके बाद जनतंत्र यात्रा रामपुर होते हुए बरेली पहुंची. अन्ना ने बरेली में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश नव युवकों को पुकार रहा है. युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है. देश के 50 प्रतिशत से ज्यादा मतदाता युवा हैं. अगर यह युवा मतदाता जाग उठता है तो देश की तकदीर को बदलने में कोई वक्त नहीं लगेगा और देश भ्रष्टाचार मुक्त बन सकेगा. बरेली में जनसभा को संबोधित करते हुए अन्ना के सहयोगी और चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय ने कहा कि आगामी चुनाव से पहले देश में दंगों का महौल बनाया जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी संप्रदायिक्ता फैला कर चुनाव जीतना चाहती हैं. आज की राजनीतिक पार्टियां समाज को तोडकर चुनाव जीतना चाहती हैं, इसलिए इन पार्टियों के खिलाफ लोगों को सामने आना होगा. अन्ना हज़ारे बरेली में आम सभा को संबोधित करने के बाद बरेलवी संप्रदाय के संस्थापक इमाम अहमद रज़ा खां “आला हज़रत” की दरगाह पर जियारत करने पहुंचे. दरगाह में अन्ना ने कहा कि सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा. हम सभी देशवासियों को मिल-जुल कर रहना चाहिए जिससे कि देश में अमन चैन बना रहे. उन्होंने दरगाह में देश में हर तरफ फैले भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए दुआ की. |
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Jantantra Yatra: Muradabad, UP |
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Jantantra Yatra at Greater Noida, UP |
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19 जुलाई 2013, नई दिल्ली: मुझसे पत्रकारों ने पूछा कि श्री नरेंद्र मोदी को मैं सांप्रदायिक मानता हूं या नहीं, तो मैंने तुरंत जवाब दे दिया कि मेरे पास कोई सबूत नहीं है इसलिए मैं कुछ कह नहीं सकता. लेकिन समाचार छापा कि अन्ना ने कहा है कि नरेंद्र मोदी सांप्रदायिक नहीं हैं. यह गलत है. इसका मतलब ये नहीं है कि वे सांप्रदायिक है या नहीं है. वे ऐसे दल में हैं जिस दल की यह मान्यता है कि वह एक समुदाय के पक्ष में है और कुछ समुदायों के खिलाफ है, खासकर एक समुदाय के तो बहुत खिलाफ है और ये सर्वविदित है. अब रहा सवाल मेरे कथन का जिसकी बड़ी चर्चा हो रही है. यह अंदाजा नहीं लगाना चाहिए कि मैंने किसी को संप्रदायिक नहीं है, ऐसा सर्टिफिकेट दे दिया है. सर्टिफिकेट देने वाला मैं कोई नहीं हूं. भारत का संविधान सेकुलर है, धर्मनिर्पेक्ष है. सब पार्टियों को उसी के अनुरुप चलना पड़ेगा जो पार्टियां उसके अनरुप नहीं चलेंगी उनको बहुमत नहीं मिल सकता. एक दल जिस तरह की बात करता है उन बातों से लगता है कि उसका रुझान सांप्रदायिक है. मैं नहीं चाहता कि ये बात मैं व्यक्ति विशेष को लेकर कहूं क्योंकि यह तो उनके पूरे दल का मामला है. भारतीय जनता पार्टी ने तो नरेंद्र मोदी को अपने कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया है. वे भारतीय जनता पार्टी का जो मत है उसी को प्रतिबिंबित करेंगे. इसलिए मैं किसी व्यक्ति विशेष की बात नहीं करता. मैं तो देश में जनतंत्र अभियान चला रहा हूं. भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों को जगा रहा हूं. जनतंत्र लाना चाहिए, भष्ट़ाचार हटना चाहिए, जनलोकपाल का कानून बनना चाहिए और सीबीआई सहित जांच एजेंसियों को स्वतंत्र होना चाहिए. जो भी इलेक्शन के बाद पावर में आए उसे गैर-संप्रदायिक होना चाहिए और अभी जो चल रहा है उससे बेहतर शासन देना चाहिए. मैं चाहता हूं कि देश में संविधान के अनुसार जनतंत्र आए. देश में जनता का राज हो पक्ष या पार्टी का नहीं. क्योंकि संविधान में पक्ष और पार्टी का जिक्र है ही नहीं. जहां तक मैं जानता हूं मोदी जी ने गोधरा और उसके बाद हुए दंगो का तीव्र निषेध अब तक नहीं किया है. उन्हें मैं सांप्रदायिक नहीं है ऐसा सर्टिफिकेट कैसे दे सकता हूं. मैं शुरु से सांप्रदायिकता के विरोध में हूं क्योंकि संप्रदायिकता से देश के टूटने का खतरा है.
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Jantantra Yatra: Ujjain to Indore |
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प्रधानमंत्री को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिएः अन्ना
17 जुलाई, इंदौर, अन्ना हज़ारे ने कोयला घोटाले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री को तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. वह अब पद पर बने रहने योग्य नहीं रह गए हैं. ज्यादा देर करना उनके लिए ठीक नहीं है. अन्ना हजारे ने मध्यप्रदेश में जनतंत्र यात्रा के चौथे चऱण के समापन के पूर्व इंदौर प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही. इसी दौरान एक सवाल के जवाब में अन्ना ने कहा कि हमारे देश में भी तख्ता पलट जैसी स्थितियां बन रही हैं. हम एक एक कदम उसी दिशा में बढ़ा रहे हैं. हमारे देश के लोगों की सहनशक्ति की सीमा अधिक है. यदि वह सीमा पार हो गई तो कुछ भी हो सकता है. अगर हमने आज नहीं सोचा तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे. हमारे सामने नक्सलवाद जैसी समस्या विकराल रूप लेती दिख रही है. हमारे देश की सरकार समय पर कुछ नहीं करती है. आज देश क्रांति की कग़ार पर आ खड़ा है. भारत के पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह ने जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए हम सब को एक जुट होना पड़ेगा. हर तरीके के भेदभाव को छोड़कर देश के बारे में सोचना पड़ेगा. तभी हम देश का विकास कर पाएंगे और भारत को विश्वशक्ति के रुप में स्थापित कर पाएंगे. अन्ना के सहयोगी और चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार हर कदम पर संविधान की भावना के साथ खिलवाड़ कर रही है और इसके उलट काम कार रही है. लोकतंत्र पार्टीतंत्र और अधिकारी तंत्र में बदल गया है. मध्यप्रदेश में जनतंत्र यात्रा 5 जुलाई को रीवा से प्रारंभ हुई थी. अंतिम दिन जनतंत्र यात्रा उज्जैन, देवास होते हुए इंदौर पहुंची. इस दौरान रास्ते में जगह जगह पर उनका स्वागत हुआ. मध्यप्रदेश के 23 जिलों में तेरह दिन तक चली जनतंत्र यात्रा ने लगभग 3000 किलोमीटर का सफर तय किया. जनतंत्र यात्रा का पांचवां चरण 23 जुलाई को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से प्रारंभ होगा और इसका समापन समापन 1 अगस्त को होगा. |
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Jantantra Yatra : Guna to Shajapur, MP |
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परिवारवाद देश के लिए सबसे बड़ा खतराः अन्ना 16 जुलाई, शाजापुर, अन्ना हजारे ने जनतंत्र यात्रा के चौथे चरण के अंतिम दौर में ब्यावरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि परिवारवाद देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है. सारे राजनीतिक दल इस परंपरा को बढ़ावा दे रहे हैं. इस वजह से देश में भ्रष्टाचार तेजी से फल-फूल रहा है. राजनीतिक तंत्र में परिवारवाद के लिए कोई जग़ह नही होनी चाहिए. लेकिन राजनीतिक दल इस व्यवस्था को संरक्षण दे रहे हैं. कोई भी इस व्यवस्था को नहीं बदलना चाहता. परिवारवाद के कारण राजनीतिक व्यवस्था में आम आदमी के लिए जगह बहुत कम होती जा रही है. हम लोकशाही में जी रहे हैं या राजशाही में, हमें इस प्रश्न का जवाब ढ़ूढना होगा और लोकतंत्रात्रिक व्यवस्था में आम आदमी को पुनर्स्थापित करना होगा. राजनीतिक पार्टियों के ऊपर चोट करते हुए पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह ने कहा कि आज तक राजनीतिक पार्टियों ने देश के लोगों को बांटने का काम किया है कभी जाति के नाम पर तो कभी धर्म के नाम पर. इस वजह से लोग बटे हुए हैं और राजनीतिक दल इसका गलत फायदा उठा रहे हैं. लेकिन अब लोगों को बदलना होगा और जिससे कि देश में सकारात्मक बदलाव आ सके. और देश भ्रष्टाचार मुक्त बन सके. अन्ना के सहयोगी और चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश एक मुश्किल मोड़ पर आ खड़ा हुआ है. देश को भ्रष्टाचार के दलदल से निकालना जरूरी है. इसके लिए देश के हर नागरिक को योगदान देना होगा. इसीलिए अन्ना आपके दरवाजे पर आपको अपना संदेश देने आए हैं. अगर हम आज व्यंवस्था में बदलाव नहीं कर पाए तो कभी नहीं कर पाएंगे. 17 जुलाई को जनतंत्र यात्रा का मध्यप्रदेश में आखिरी दिन है. चौथे चरण के अंतिम दिन जनतंत्र यात्रा उज्जैन, देवास होते हुए इंदौर पहुंचेगी. इंदौर में जनतंत्र यात्रा का समापन जन सभा के रुप में होगा. |
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देश में लोकतंत्र नहीं पार्टीतंत्र हैः अन्ना 15 जुलाई, गुना. मध्य प्रदेश में जैसे-जैसे जनतंत्र यात्रा अपने अंतिम दौर में पहुंच रही है अन्ना हज़ारे का रुख आक्रामक होता जा रहा है. अन्ना ने ग्वालियर चंबल संभाग में अपनी यात्रा के दौरान कहा कि देश में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पदों पर किसी भी व्यक्ति का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाना चाहिए. इससे चुना गए व्यक्ति सीधे तौर पर जनता के प्रति उत्तरदायी होंगे. आज जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि जनता के प्रति कम और पार्टी के प्रति ज्यादा उत्तरदायी होते हैं. उन्हें जनता के रुख से की लेना देना नहीं होता. जैसा पार्टी सुप्रीमो का आदेश होता है वह उसी अनुसार काम करते हैं और अपना वोट देते हैं. देश में लोकतंत्र नहीं पार्टीतंत्र है. ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई और शिवपुरी में तात्या टोप्पे की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते ने के बाद पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह ने कहा कि देश आज बहुत ही नाजुक दौर पर आ खड़ा हुआ है. हमें उन सभी के त्याग और बलिदान को याद करना होगा जिन्हों ने देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी. ये आजादी की दूसरी लड़ाई है हम सभी को बिना किसी भेदभाव के देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए एक जुट होकर काम करना होगा. तभी हम भारत को विश्वशक्ति बनता देख सकेंगे. अन्ना के सहयोगी और चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय ने कहा कि भारत के संविधान निर्माताओं ने एक लोक कल्याणकारी राज्य की परिकल्पना की थी लेकिन आज राजनीतिक दलों ने संविधान की मूल भावना को दरकिनार कर दिया है. सरकारें जल, जंगल और ज़मीन को कौड़ियों के भाव निजी कंपनियों को दे रही हैं. मध्यप्रदेश में जनतंत्र यात्रा के संयोजक और आंदोलनकारी डॉ सुनीलम ने शिवपुरी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन लोगों ने रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोप्पे जैसे देशभक्तों को धोखा दिया था वही लोग आज देश की सत्ता पर क़ाबिज़ हैं. हमें ऐसे लोगों को सत्ता के गलियारों से दूर करना होगा तभी देश में सही लोकतंत्र की स्थापना हो सकेगी. जनतंत्र यात्रा मध्यप्रदेश में अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है. बारिश होने के बावजूद लोग बड़ी संख्या में अन्ना हज़ारे और उनके सहयोगियों को सुनने सभा स्थलों तक पहुंच रही हैं. मध्य प्रदेश में जनतंत्र यात्रा का समापन 17 जुलाई को इंदौर में होगा. एस दौरान यह यात्रा प्रदेश के 23 जिलों से हेकर गुज़रेगी. 16 जुलाई को जनतंत्र यात्रा बीनागंज, ब्यावरा होते हुए शाजापुर पहुंचेगी. इस दौरान अन्ना कई जगहों पर जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे. |

















































































