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Press Release 16 May

प्रेस रिलीज

समाजसेवी अन्ना हज़ारे और चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय की अगुआई में चल रही जनतंत्र यात्रा गुरुवार 16 मई को उत्तराखंड के चम्बा, नई टिहरी होते हुए श्रीनगर पहुंची. उल्लेखनीय है कि पहले और दूसरे चरण की सफलता के बाद अन्ना हजारे ने उत्तराखंड से जनतंत्र यात्रा के तीसरे चरण की यात्रा शुरू की है. चंबा और नई टिहरी में सार्वजनिक रैलियों को संबोधित करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि उनकी इस यात्रा का मक़सद देश में भ्रष्ट राजनीतिक व्यवस्था से लोगों को निजात दिलाना है. उनके अनुसार, मौजूदा केंद्र और राज्य सरकारें जनआकांक्षाओं पर खरी नहीं उतर पा रही हैं. चाहे किसान हो या मज़दूर, नौकरीपेशा हो या गृहणी सभी परेशान हैं. अन्ना के मुताबिक़, राजनेताओं का मक़सद जनकल्याण करना नहीं, बल्कि किसी तरह सत्ता हासिल करना है. अन्ना ने मनमोहन सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की लाचारी से देश शर्मसार है. इस मौके पर अन्ना ने युवाओं का आह्नान किया कि वे व्यवस्था परिवर्तन की इस लड़ाई में निर्णायक भूमिका अदा करें. जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से अपील किया कि सितंबर महीने के प्रथम सप्ताह में वे बड़ी संख्या में दिल्ली आएं, क्योंकि जनविरोधी केंद्र सरकार के खिलाफ़ जनसंसद का आयोजन किया जाएगा. उनके अनुसार, संसद और विधानसभाओं से बड़ी जनसंसद होती है, लेकिन भ्रष्ट राजनेता जनता की ताकत को भूल चुके हैं.

वहीं सभा को संबोधित करते हुए चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार संविधान विरोधी काम कर रही है. सरकार में शामिल ज्यादातर मंत्री दागी हैं. यही वजह है कि आम जनों का यकीन इस सरकार पर नहीं रह गया है. उल्लेखनीय है कि अन्ना हजारे की जनतंत्र यात्रा 31 मार्च से अमृतसर के जलियांवाला बाग़ से शुरू हुई थी. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से होते हुए उनकी यह यात्रा इन दिनों उत्तराखंड में है.

Press Release 15 May

प्रेस रिलीज

समाजसेवी अन्ना हज़ारे और चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय की अगुआई में चल रही जनतंत्र यात्रा बुधवार, 15 मई को उत्तराखंड के ब्रम्हखल और डूंडी के रास्ते उत्तरकाशी पहुंची. ग़ौरतलब है कि जनतंत्र यात्रा का यह तीसरा चरण है. प्रथम और द्वितीय चरण की सफलता के बाद अन्ना हजारे ने उत्तराखंड से अपनी यात्रा शुरू की है. ब्रम्हखल और डूंडी में जनसभाओं को संबोधित करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि उनकी यह यात्रा व्यवस्था परिवर्तन के लिए हो रही है, क्योंकि अंग्रेजों ने जितना इस देश को नहीं लूटा, उससे कहीं ज्यादा हमारे नेताओं ने देश की दुर्गति कर डाली. उनके अनुसार, मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में देश का हर तबका निराश और परेशान है. कहीं किसान आर्थिक परेशानियों की वजह से खुदकुशी कर रहे हैं, तो कही पढ़े-लिखे नौजवान बगैर नौकरी के अवसाद में जी रहे हैं. नौकरीपेशा से लेकर हर वर्ग इस व्यवस्था में त्राहि-त्राहि कर रहा है. अन्ना हजारे के मुताबिक, भारत में संविधान में कहीं भी पक्ष और पार्टी बनाने की बात दर्ज नहीं है, लेकिन आजादी के बाद इस देश में हजारों की संख्या में पार्टियां खड़ी हो गई, लेकिन जनता की समस्याएं खत्म नहीं हुई. अन्ना ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वह तनिक भी गंभीर नहीं है. यही वजह है कि जनलोकपाल क़ानून पारित करने के वचन से वह पीछे हट गई, क्योंकि सरकार को यह महसूस हो गया कि अगर यह क़ानून पास हो जाता है, तो उसकी गिरफ्त में नेता और अफसर ही आएंगे. अन्ना ने हुंकार भरते हुए कहा कि उन्हें देश के नौजवानों से खास उम्मीदें हैं, क्योंकि इतिहास गवाह है कि जब भी देश पर संकट आया है, तब युवाओं ने ही महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई है. जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से अपील किया कि सितंबर महीने के प्रथम सप्ताह में वे बड़ी संख्या में दिल्ली आएं, क्योंकि जनविरोधी केंद्र सरकार के खिलाफ़ जनसंसद का आयोजन किया जाएगा. उनके अनुसार, संसद और विधानसभाओं से बड़ी जनसंसद होती है, लेकिन भ्रष्ट राजनेता जनता की ताकत को भूल चुके हैं.
वहीं सभा को संबोधित करते हुए चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार घोटाले करने में नित्य नए कीर्तिमान गढ़ रही है. सरकार की कारगुजारियों से देश की जनता परेशान है. उनके अनुसार, अन्ना हजारे को नौजवानों के रूप में सिपाहियों की जरूरत है, जो कम से कम देश के लिए एक साल का समय दे सकें. उन्होंने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि देश किस दिशा की ओर बढ़ रही है, यह कोई नहीं जानता. जनता क्या चाहती है इससे नेताओं को कोई मतलब नहीं है. यही वजह है कि लोग अब सरकार के विरोध में खुलकर सामने आ रहे हैं. उल्लेखनीय है कि अन्ना हजारे की जनतंत्र यात्रा 31 मार्च से अमृतसर के जलियांवाला बाग़ से शुरू हुई थी. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से होते हुए उनकी यह यात्रा इन दिनों उत्तराखंड में है. प्रदेश के जिन इलाक़ों से अन्ना हजा़रे की जनतंत्र यात्रा गुजरती है, वहां हज़ारों की संख्या में लोग उनके पक्ष में नारे लगाते हैं.

Jantantra Yatra : Rishikesh, Uttarakhand

Press Release 14 May

प्रख्यात समाजसेवी अन्ना हज़ारे और चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय की अगुआई में चल रही जनतंत्र यात्रा का तीसरा चरण 14 मई मंगलवार को उत्तराखंड के ऋषिकेश से होते हुए बदकोट पहुंची.

ऋषिकेश में अन्ना हजारे ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्ट राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ अब लोगों को खड़ा होने की जरूरत है, क्योंकि राजनेताओं ने आजादी के बाद जनकल्याणकारी नीतियों को लागू करने की बजाय अपना हितसाध्य किया है. उनके मुताबिक राजनेताओं को जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है. अन्ना हजारे ने ऋषिकेश की जनता से आह्वान किया कि वे सितबंर माह के प्रथम महीने में दिल्ली जरूर आएं और जनसंसद में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें. उनके अनुसार, आजादी के साढ़े छह दशक बीत जाने के बाद भी देश की आम जनता तमाम तरह की परेशानियों से त्रस्त है, लेकिन सियासी पार्टियों को इससे कोई मतलब नहीं है.

जनसभा को संबोधित करते हुए चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय ने कहा कि यह देश भ्रष्ट राजनेताओं के दुष्चक्र में फंस चुका है. ऐसे में अन्ना हजारे जैसे गांधीवादी समाजसेवी की ओर जनता उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राजनीतिक दलों ने न केवल जनता के साथ धोखा किया है, बल्कि इन्होंने संविधान को भी ठेस पहुंचाई है. उनके अनुसार, जनलोकपाल के मुद्दे पर कांग्रेस, भाजपा, बसपा, सपा और वामपंथी पार्टियों ने अंदरूनी एकजुटता दिखाते हुए इस विधेयक को पास नहीं होने दिया. इससे साफ जाहिर होता है कि मौजूदा राजनीतिक पार्टियां भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कुछ भी नहीं करना चाहती, लेकिन उनका यह तिकड़म अब ज्यादा दिनों तक चलने वाला नहीं है. भारतीय के अनुसार, देश में महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से जनता परेशान है और उसे नेताओं से नफरत होने लगी है. हालत यह है कि कई क्षेत्रों के सांसद और विधायक आक्रोशित जनता से बचते फिर रहे हैं. उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि जब सांसदों और विधायकों के वेतन वृद्धि का सवाल आता है, तो सभी पार्टियां एकजुट हो जाती हैं, लेकिन बात जब जनता की आती है, तो यही राजनेता चुप्पी साध लेते हैं.

Press Release 13 May

प्रेस रिलीज

जनंतत्र यात्रा के पहले और दूसरे चरण की सफलता के बाद 13 मई से जनतंत्र यात्रा का तीसरा चरण उत्तराखंड के ऋषिकेश से शुरू हुआ. प्रदेश में जनतंत्र यात्रा ऋषिकेश से शुरू होकर ब्रम्हखल, श्रीनगर, रुद्र प्रयाग, जोशीमठ, ब्रदीनाथ, अल्मोड़ा, नैनीताल, हलद्वानी और रुद्रपुर पहुंचेगी. इन स्थानों पर समाजसेवी अन्ना हज़ारे, पूर्व सैन्य प्रमुख जनरल वीके सिंह, वर्ल्ड सूफी काउंसिल के चेयरमैन सूफी जिलानी और चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय कई सार्वजनिक रैलियों को संबोधित करेंगे और स्थानीय जनता से मुलाकात भी करेंगे. (more…)

Press Release 10 May

प्रेस रिलीज

प्रख्यात समाजसेवी अन्ना हज़ारे, पूर्व सैन्य प्रमुख जनरल वीके सिंह, वर्ल्ड सूफ़ी काउंसिल के चेयरमैन सूफ़ी जिलानी और चौथी दुनिया के प्रधान संपादक संतोष भारतीय की अगुआई में चल रही जनतंत्र यात्रा 10 मई शुक्रवार को भीलवाड़ा से अजमेर पहुंची. (more…)

Jantantra yatra at sohana & mewat

Jantantra yatra at Panipat

Jantantra yatra at Gharaunda

Jantantra yatra at Karnal